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किसान रोजगार मांगने वाला नही रोजगार देने वाला हो – मंत्री जी

प्रदेश आत्मनिर्भर तब बनेगा जब प्रदेश के किसान आत्मनिर्भर बनेगें, इस हेतु सरकर भरपूर प्रयास कर रही हैं- उद्यानिकी राज्यमंत्री श्री भारत सिंह कुशवाह, परंपरागत खेती को छोडकर हमें नई तकनीक सीख कर खेती करनी चाहिए, वेयरहॉसिंग एवं लॉजिस्टिक अध्यक्ष राहुल सिंह, एक जिला एक उत्पाद कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न…

दमोह : बिना उद्यानिकी फसल के किसान की आय दुगनी नही हो सकती हैं, प्रदेश आत्मनिर्भर तब बनेगा जब प्रदेश के किसान आत्मनिर्भर बनेगें। किसान की आय दोगुनी कैसे हो, वह समृद्धशाली कैसे बने इस हेतु सरकार उद्यानिकी विभाग के माध्यम से नये नवाचारों के साथ-साथ लगातार प्रयास कर रही हैं। प्रदेश सरकार किसानों को उद्यानिकी से जोडने के लिए विशेष रूप से किसानों को प्रशिक्षित कर रही हैं। इस आशय के विचार प्रदेश के उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण (स्वतंत्र प्रभार) एवं नर्मदा घाटी विकास विभाग राज्यमंत्री श्री भारत सिंह कुशवाह ने आत्म निर्भर भारत अभियान के अंतर्गत एक जिला एक उत्पाद के तहत टमाटर फसल प्रसंस्करण के संबंध में एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण शिविर में व्यक्त किये।

इस मौके पर वेयरहॉसिंग एवं लॉजिस्टिक कार्पोरेशन अध्यक्ष (केबिनेट मंत्री दर्जा) राहुल सिंह, विधायक पीएल तंतुवाय खासतौर पर मौजूद थे।राज्य मंत्री भारत सिंह कुशवाह ने कहा मध्यप्रदेश देश का पहला प्रदेश है जहां कच्चे उत्पादो की प्रोसेसिंग कर रहा हैं, सरकार हर जिले मे जिस फसल का उत्पादन ज्यादा मात्रा मे होता है, उसका चयन कर रही हैं, जिससे उस जिले की पहचान उस उत्पादन के नाम पर होगी। साथ ही जिन जिलो मे उत्पादन का चयन किया जा रहा है वहां फूड प्रोसेसिंग का कार्य अतिशीघ्र प्रारंभ होगा। किसानो की आय दोगुना करने के लिए किसानो को दोहरी भूमिका मे आना होगा।

मंत्री श्री कुशवाह ने कहा सरकार ने कच्चे उत्पादन की भंडारण क्षमता की व्यवस्था के लिए कोल्ड स्टोरेज की चैन को बढाने का काम किया हैं, इस योजना का फायदा किसान भाईयो को होगा। उन्होने कहा किसान योजनाओं का लाभ तब ले सकते हैं जब हमारे पास सटीक जानकारी होगी। संगोष्ठी कार्यक्रम आयोजन का एक मात्र उददेश्य किसान भाईयो को नई जानकारी देना है, जिससे किसान नई तकनीक से खेती कर अपनी आय को दोगुना कर सके। सरकार किसानों को प्रोसेसिंग एवं सब्सिडी देने का कार्य कर रही हैं साथ ही भंडार गृह के लिए 50 प्रतिशत एवं कोल्ड स्टोरेज के लिए 50 प्रतिशत की सब्सिडी दी जा रही हैं।

उन्होंने कहा यदि सभी काम किसान के हाथो मे होगें तो पूरा किसान परिवार रोजगार से जुड सकता हैं। किसान रोजगार मांगने वाला नही रोजगार देने वाला हो, इस हेतु सरकर भरपूर प्रयास कर रही हैं। किसान आत्मनिर्भर बने इसके लिए प्रोसेसिंग की इकाई पर 35 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही हैं, जिससे किसान भाई मुनाफा कमायेंगें, किसान की प्रगति ओर उन्नति होगी आने वाला समय उनका होगा जिससे प्रदेश की उन्नति होगी।

इस अवसर पर वेयरहॉसिंग एवं लॉजिस्टिक अध्यक्ष (केबिनेट मंत्री दर्जा) राहुल सिंह ने कहा परंपरागत खेती को छोडकर हमें नई तकनीक सीख कर खेती करनी चाहिए, विभिन्न क्षेत्रों मे विभिन्न प्रकार की मिट्टी पायी जाती हैं, मिटटी का परीक्षण कर खेती करना चाहिए ताकि मिटटी में कौनसा तत्व की कमी हो वह पता लग सके और उसे दूर किया जा सके, ताकि मिटटी अच्छी होगी तो उपज ज्यादा होगी और किसान की आय दुगनी हो सकेगी।

इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष प्रीतम सिंह लोधी ने कहा कम खेती मे ज्यादा उपज उद्यानिकी विभाग के माध्यम से ले सकते हैं, उद्यानिकी को अपनाते है तो वार्षिक फसल से कई गुना फायदा ले सकते हैं, उद्यानिकी विभाग समय-समय पर उद्यानिकी खेती के बारे मे जानकारी देते रहते हैं, यदि किसान भाई इस पद्धति को अपनाते है तो वह निश्चित रूप से सफल किसान बन कर ज्यादा उपज ले सकते हैं।विधायक हटा पीएल तंतुवाय ने कहा जिले मे टमाटर को प्रसंस्करण कर किसानों की आय दुगनी करने के प्रयास किये जा रहे हैं। कृषि विज्ञानिकों द्वारा कृषकों को गुण एवं शिक्षा दी जा रही हैं। जिससे आप सभी किसान भाई अपनी उपज ज्यादा से ज्यादा बढाये, हल्दी की खेती किसानों को लगाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं, क्षेत्र में हल्दी प्रोसेसिंग का प्लांट भी लगाया गया हैं, निश्चित रूप से एैसे कृषकों के अनुभवो का लाभ लेना चाहिए। कृषकों को जो सलाह दी जा रही है उसे अपनी खेती में उतारे और कृषि को लाभ का धंधा बनाये।

इस अवसर पर कलेक्टर श्री तरूण राठी ने कहा जिले के उत्पादन को बढाने के लिए एक जिला एक उत्पाद योजना बनाई गई हैं, जिले के उत्पाद के रूप मे चना एवं उद्यानिकी विभाग अंतर्गत टमाटर को चुना गया हैं। उन्होंने बताया कि हर्ष का विषय है कि जिले की सिंगाड़े की फसल को गुजरात सहित अन्य राज्यों में भी भेजा जा रहा हैं, इसके साथ ही छोटे-छोटे क्षेत्रों मे पान की खेती भी होती हैं। उन्होंने कहा टमाटर की फसल चुनने का उददेश्य किसानों को नए तकनीक और आयामों के माध्यम से बेहतर एवं कॉर्मसियल ढ़ग से खेती सिखा पाये इसके साथ-साथ मार्केट लिंकेज भी करें जिससे किसानों को उनकी फसल का (बाजिव )मूल्य मिल सके।

इस अवसर पर पूर्व विधायक लखन पटेल एवं जनपद पंचायत उपाध्यक्ष मनीषा पवन तिवारी ने भी संबोधित किया। मंच का संचालन विपिन चौबे ने किया एवं आभार प्रदर्शन अश्वनी मोघे किया। इस अवसर पर राजाराम पटैल, एनपी पटैल, राजकुमार लोधी सहित बडी संख्या में किसान बंधु और सम्मानीय मीडियाजन मौजूद रहे।

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