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ऑक्सीजन, रेमडेसिवीर, बेड की भारी कमी में क्या करें – डॉ नवीन सोनी

दमोह : कोरोना के बढ़ते मरीजों के बीच लोगों को सबसे ज्यादा चिंता अस्पताल में कम होती स्वास्थ्य व्यवस्था है। बेड की उपलब्धता ना होना, ऑक्सीजन की उपलब्धता ना होना, और रेमडेसीविर इंजेक्शन की कमी होना जैसी बातें चल रही है। ऐसे में दमोह के संभ्रांत और अनुभव शील चिकित्सक हमें अपनी पोस्ट के माध्यम से जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं। हम भी उनके प्रयास में सहभागी बनने की कोशिश कर रहे हैं। डॉक्टर नवीन सोनी की एक पोस्ट को शेयर कर आप सभी के बीच जानकारी देने का प्रयास कर रहा हूं। अमल करें और कोरोना से जंग लड़े।

१. बिल्कुल घबड़ायें नहीं। panic ना हों। बहुत ही कम मरीजों को ऑक्सीजन देने की जरूरत पड़ रही है। अगर 94 % तक ऑक्सीजन है तो कतई चिंता की बात नहीं है। अगर कमरे की हवा में 90 -92 % भी ऑक्सीजन सैचुरेशन है , और अन्य लक्षण नहीं हैं ,जैसे सांस फूलना ,बहुत खांसी आना , चक्कर आना ,बेहोशी सा आना,तेज बुखार भी होना इत्यादि ,तो ऑक्सीजन की जरूरत नहीं पड़ेगी।


२. अगर एक्स रे या सी टी स्कैन चेस्ट -में गंभीर खराबी नहीं है तो भी ऑक्सीजन की जरूरत नहीं पड़ेगी।


३. जब हम निष्क्रिय रहते हैं तब हमें ऑक्सीजन की आवश्यकता कम पड़ती है , इसलिए पूर्ण विराम करें , लेटें , सोएं। फ़ोन, टीवी ,अखबार, सोशल मीडिया और लोगों से दूर रहें। बातचीत ना करें , बस लेटें या सोएं। चिंता ना करें। केवल शौचालय जाने के लिए उठें। आपको ऑक्सीजन की जरूरत कम पड़ेगी।


४. चलें फिरें नहीं ,ना ही व्यग्र हों। लेट कर बीच बीच में लम्बी सांस लें। शारीरिक एवं मानसिक गतिविधि न्यूनतम रखें – ऑक्सीजन की जरूरत कम से कम पड़ेगी।


५ डॉक्टर द्वारा बतायी गयी सभी जांच कराएं ताकि वो आपके बारे में उचित निर्णय ले सकें।


६. रेमडेसिविर कोई रामबाण दवा नहीं है ,ना ही कोई अकेली दवा। बहुत से इलाजों में से एक है। वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन की वर्तमान नीति के अनुसार इस दवा के लाभ के कोई ठोस प्रमाण अबतक नहीं हैं . बाकी सब इलाज अच्छे से चलाएं, वो भरपूर उपलब्ध हैं.


७. अपने योग्य डॉक्टर पर भरोसा रखें ,बहुत से व्हाट्सअप्प मेधा समृद्ध स्वयंभू छद्म चिकित्सकों की राय से अपनी बीमारी के वक्त दूर ही रहें।


८. घर पर रखकर अधिकाँश मरीजों का उपयुक्त इलाज हो सकता है , केवल घबड़ाकर अस्पताल में भर्ती ना हो जाएँ , पर योग्य चिकित्सक के निरंतर संपर्क में बने रहें।


९. बच के रहें , मास्क पहने ,पहनाएं , दूरी बनाएं ,हाथ धोते रहें।


१०. कोरोनाग्रस्त परिवारों की मदद करें ,हालचाल लेते रहें।

साभार वरिष्ठ चिकित्सक डॉक्टर नवीन सोनी की पोस्ट से

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