Domain Registration ID: DD9A736AA76EB45DBBFAF21E3264CDF2D-IN {Editor - Ashish Kumar Jain 9893228727}

सप्रे जी का पूरा जीवन त्याग और तपस्या में बीता – केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल!

उन्होंने इतना दिया कि लेने वाला यह बखान नही कर पाया कि हमें कितना मिला-केन्द्रीय राज्यमंत्री प्रहलाद सिंह पटैल, मृदंगम के टॉप 10 लोगों में प्रथम नंबर पर नाम नाना साहब पांसे जी का लिया जाता है, जिनका कृतित्व और अनुदान बहुत बड़ा है, आज चर्चित महानायक है- पद्म श्री आचार्य विजय धर, 150 वां पंडित माधवराव सप्रे का सार्धशती समारोह पथरिया में संपन्न!

दमोह : कठिन परिस्थितियों में पूज्य संत माधवराव सप्रे जी ने अपनी जीवन यात्रा पूरी की है, उनकी फिल्म हम सबके दिमाग में चलाने वाले और जीवन गाथा को अमृत प्रदान करने वाले मेरे बड़े भाई पदम श्री विद्याधर तुलसी जी यहां पधारे उनका हृदय से स्वागत करता हूं। उन्होंने कहा देश के दूसरे नंबर की गुरु परंपरा सबसे लंबी परंपरा बकायन परंपरा है, मृदंगम के टॉप 10 लोगों में प्रथम नंबर पर नाम नाना साहब पांसे जी का लिया जाता है, वह भी संत सेनानी थे। श्री पटैल आज पथरिया में आजादी का अमृत महोत्सव संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के तत्वाधान में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र नई दिल्ली द्वारा आयोजित 150 वां पंडित माधवराव सप्रे सार्धशती दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस अवसर पर प्रो. विजय शंकर शुक्ल, निदेशक क्षेत्रीय केन्द्र वाराणसी, सीसीआरटी अध्यक्ष डॉ हेमलता एस मोहन, आर्चाय विजय श्रीधर, राजेश बादल, श्याम सुंदर दुबे, सहायक आचार्य डॉ अभिजीत दीक्षित मंचासीन थे।

केन्द्रीय राज्यमंत्री प्रहलाद सिंह पटैल ने कहा सीसीआरटी देश का मध्य केंद्र होगा, देशभर में से यदि कोई स्कालरशिप चाहेगा तो वह उसका केंद्र बिंदु होगा। यहां पर उपस्थित सभी व्यक्ति से यह कह सकता हूं कि कोई निर्थक नहीं बैठा, यह मेरी इस कार्यक्रम की सफलता है। मैं सबको इस पुण्य धरती पर सौभाग्यशाली मानते हुए प्रणाम करता हूं, कार्यक्रम की सफलता इसी में है, की कार्यक्रम भी परीक्षा लेते हैं, मैंने उनकी जितनी जीवनी पड़ी, दृष्टांत देखें।

केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री पटैल ने कहा ईश्वर ने निमित्त बनाया यह मेरी जीवन की सफलता हैं। श्री पटैल ने कहा इन पूरे 2 बर्षों मे महात्मा गाँधी जी की जंयती से लेकर नेताजी की 125 वी जंयती, महर्षि अरविंद जी की 150 वी जंयती, राजा राममोहन राय की 250 वी जंयती, गुरू तेग बहादुर की 400 वी जंयती और आजादी का अमृत महोत्सव इन सबके लिए प्रधानमंत्री जी का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित करता हूं। उन्होंने कहा 1923 में अभिनंदन के लिए खादी पद उनको अभिनंदन पत्र भेंट किये गये थे। दो साल बाद किसी चौराहे पर पूजन कराकर जब 18 मार्च 2023 होगा तब संस्कारधानी और दमोह नगर के हर घर में राष्ट्रीय ध्वज फेराए तो झंडा सत्याग्रह की सच्ची श्रंद्धाजली होगी।

उन्होंने कहा 300 साल के पहले का इतिहास आपके पास हैं, रमन मिस्त्री जी के काव्य हैं, 1842 की क्रांति की शुरूआत करने वाला दमोह, ठाकुर शहीद यशवंत जी काकोरी कांड इस दमोह की धरती पर पैदा हुये। उन्होंने कहा सप्रे जी का पूरा जीवन त्याग और तपस्या में बीता सप्रे जी ने इतना दिया कि लेने वाला यह बखान नही कर पाया कि हमें कितना मिला। उन्होंने कहा आजादी के 75 महोत्सव नही होता तो हम इतनी बारीकी से इन विभूतियों को नही टटोल पाते, जिनका समर्पण जरूरत से ज्यादा था, ऐसे आंदोलन कारी और आंदोलन ढूढकर देश के सामने लाना चाहिए, लोग उनसे प्रेरणा प्राप्त करेगें कि सब कुछ यश के लिए नही होता। उन्होंने कहा जिन आंदोलनों के केन्द्र बिंदू हम हैं, इस बात पर हमें गर्व होना चाहिए।

पद्मश्री आचार्य विजय श्रीधर ने कहा यहां पंडित माधव राव सप्रे जी ने जन्म लिया, यदपि उनका रिश्ता बचपन में ही इस माटी से छूट गया था, लेकिन यह बुंदेलखंड है, इसके हवा पानी माटी में अपनत्व का तत्व है। उन्होंने कहा भारत सरकार के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का विशेष रूप से धन्यवाद देता हूँ कि भारत की आजादी के 75 वर्ष 2022 में पूरे हो रहे हैं, आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जाना है, यह जिम्मेदारी संस्कृति मंत्रालय को दी गई है और संस्कृति मंत्रालय ने बैठक करके यह तय किया कि ऐसे महान नायकों का भी इस प्रसंगों में स्मरण किया जाए, जिनका कृतित्व और अनुदान बहुत बड़ा है।लगभग यह कहा जाए कि अचर्चित थे, आज चर्चित महानायक है उनकी बहुत ज्यादा चर्चा नहीं हो पाई, अनुदान उनका बहुत बड़ा था, उनको याद किया जाए और यह बीड़ा भारत सरकार के संस्कृति मंत्री श्री प्रहलाद पटेल जी ने उठाया है, इस श्रंखला में पहला नाम सप्रे जी के उत्सव के साथ ही यह श्रृखंला आरंभ हो रही है इसके लिए भारत सरकार के मंत्री श्री प्रहलाद पटेल जी का हृदय से धन्यवाद।

सीसीआरटी अध्यक्ष डॉ हेमलता एस मोहन ने कहा अमृत महोत्सव में कितना आप ग्रहण करेंगे और हम सरोबार होंगे, वह किसी को नहीं पता, लेकिन आज यहां आकर इस मंच पर बैठकर मैं अपने आप को बहुत समृद्ध महसूस कर रही हूं। उन्होंने कहा बहुत कुछ इस पवित्र भूमि से लेकर जा रही हूं, यहां बहुत कुछ है, जो हम कर सकते हैं। उन्होंने कहा मैं बनारस से हूं, साहित्यकारों से मेरा पुराना नाता है लेकिन सही मायने में यह दुर्लभ जानकारियां हमें मिल रही है, वह उन्हें आत्मसात और सोचा जा सकता है और उन अनसुंग हीरो के बारे में जिनको हमने कभी उनको देखा नहीं, उनको जानकर अपने आप को महसूस किया जा सकता है, वह हमसे कहीं ना कहीं जुड़े थे, उन्होंने हमें और हमारे देश को जाति को धरती को गौरान्वित किया।

वरिष्ठ पत्रकार राजेश बादल ने कहा प्रकृति में हर चीज में कालखण्ड के हिसाब से बदलाव आता हैं, भारत के इतिहास मे 1947 मे हमने आजादी पाई, 1947 की पहले की प्राथमिकताए थी, वह उस दौर की पत्रकारिता की प्राथमिकताए थी, माखनलाल जी, भावानी प्रसाद मिश्र, गोविन्ददास जी की पत्रकारिता तीनो ही सप्रे जी के शिष्य थे, उनकी पत्रकारिता आज भी प्रासंगिक हैं लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही इन महापुरूषो एवं पूर्वजों ने सरोकार एवं मूल्यो वाली पत्रकारिता की हैं वह आज की पत्रकारिता से गायब हैं समाज एवं पत्रकारिता अपने सरोकारों को भूल जाती हैं वह पत्रकारिता बहुत अच्छे परिणाम देने लायक नही रह जाती हैं। उन्होंने कहा आने वाली पीढ़ियो को अगर पत्रकारिता का सही संदेश देना हैं तो हमे अपने पूर्वजों एवं पुर्खों की पत्रकारिता को याद रखना चाहिए। श्री बादल ने कहा कुछ तीर्थ ऐसे होते हैं जो आने वाली पीढ़ियों के लिये पुंज का काम करते है, पीढ़ियां दर्शन पाती है।

आचार्य श्याम सुंदर दुबे ने बड़े विस्तार से अपने संस्मरण प्रस्तुत किये। उनकी प्रस्तुतीकरण कुछ इस तरह से था मानो आजादी के इस अमृत महोत्सव में पंडित माधवराव सप्रे साक्षात मौजूद हो। उन्होंने सप्रे जी के जीवन दर्शन पर विस्तार से अपनी बात रखी, इस दौरान श्री दुबे ने सप्रेजी के जीवन के अनछुए बिंदुओ पर भी बात रखी।

इस मौके पर सीसीआरटी अध्यक्ष डाँ हेमलता एस मोहन, पूर्व सांसद लक्ष्मी नारायण यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष शिवचरण पटैल, विधायक धर्मेन्द्र सिंह लोधी, विधायक पीएल तंतवाय, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रीतम सिंह लोधी, सांसद प्रतिनिधि डाँ आलोक गोस्वामी व नरेन्द्र बजाज, रूपेश सेन, पूर्व अध्यक्ष जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक राजेन्द्र गुरू सहित साहित्यकार-लेखकगण, पुलिस-प्रशासन के अधिकारी, मीडियाजन सहित गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

Our Visitor

9 2 6 1 5 4
Users Today : 109
Total Users : 926154
Who's Online : 0

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: