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उडीसा के किशोर को अपहरित कर बंधक बनाने वाला आरोपी जबेरा से गिरफ्तार!

गांजा तस्करी से जुडा हो सकता है मामला पुलिस किस पुस्तक से होगा खुलासा


मयंक जैन / जबेरा : पुलिस थाना क्षेत्र के ग्राम घाना मैली निवासी एक युवक को पुलिस ने उड़ीसा के एक किशोर का अपहरण करने के मामले में गिरफ्तार किया है। उड़ीसा पुलिस एसआई भवानी शंकर साहू एवं जबेरा पुलिस थाना प्रभारी इंद्रा सिंह, एएसआई अक्षेन्द्र कुमार ने यह कार्यवाही संयुक्त रूप से की। बता दें कि जिस आरोपी को पुलिस ने अभी गिरफ्तार किया है। इस आरोपी पर वर्ष 2020 में भी उड़ीसा के ही एक युवक के अपहरण का मामला दर्ज हुआ था। भले ही यह मामला अपहरण का नजर आ रहा है।लेकिन इसके तार गांजा तस्करी से भी जुड़े नजर आ रहे हैं।

कौन है यह आरोपी क्या है यह मामला

ग्राम घाना मैली निवासी मनीष पिता रवि शंकर प्रधान उम्र 21 वर्ष के द्वारा उड़ीसा के ग्राम टाकूबूढ़ा, थाना जुराम निवासी लक्ष्मीकांत पिता रामचंद्र माझी उम्र 17 वर्ष का अपहरण कर अपने घर में बंधक बनाकर रखा गया था। आरोपी मनीष ने अपहृत युवक के भाई को फोन लगा कर 50 हजार रुपये की रकम फिरौती में मांगी थी। इसके बाद फरियादी ने उड़ीसा में ही पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया। तब उड़ीसा पुलिस ने साइबर सेल की मदद से लोकेशन ट्रेस की और जबेरा पहुंच गये। इसके बाद जबेरा पुलिस की मदद से उड़ीसा पुलिस ने आरोपी के घर से अपहृत किशोर को बरामद किया एवं आरोपी को गिरफ्तार किया। इस पूरे मामले में आरोपी मनीष प्रधान अपने आप को निर्दोष बता रहा है और उसका कहना है कि जिस किशोर के अपहरण की बात कही जा रही है वह उसका दोस्त है और उसी के कहने पर उसने मजाक में उसके भाई को फोन लगाया था।

उड़ीसा पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर ले गई

फिलहाल पुलिस आरोपी मनीष प्रधान को अपने साथ उड़ीसा ले गई है क्योंकि मामला उड़ीसा में दर्ज है। बता दें कि जिस युवक मनीष प्रधान पर अपहरण का यह मामला दर्ज हुआ है। उसके ऊपर पिछले वर्ष नवंबर में ऐसा ही एक मामला दर्ज हुआ था। जिसमें उसने उड़ीसा निवासी एक युवक को अपहरण कर अपने घर में बंधक बना लिया था और उसके परिजनों से 7 लाख रूपये की फिरौती मांगी थी। तब उड़ीसा पुलिस ने जबेरा पुलिस की मदद से आरोपी के चुंगल से युवक को छुड़ाया था और मनीष को गिरफ्तार किया था। आरोपी मनीष करीब 7 महीने उड़ीसा जेल में भी बंद रहा और जमानत मिलने पर लौटकर वापस अपने गांव आ गया।

गांजा तस्करी से जुड़े हो सकते हैं मामले के तार

भले ही यह कहानी अपहरण की नजर आ रही है लेकिन इसके पीछे अगर सच्चाई जानने का प्रयास पुलिस करें तो निश्चित ही यह पूरा मामला गांजा तस्करी का नजर आ रहा है क्योंकि दमोह जिले में उड़ीसा से तस्करी कर गांजा लाया जाता है और उसे स्थानीय स्तर पर खपाया जाता है। दमोह जिले की पुलिस कई आरोपियों को गांजा सहित गिरफ्तार कर चुकी है और खुलासे में यही बात सामने आई है कि यह गांजा उड़ीसा से लाया गया था। अब इस मामले में जबेरा पुलिस क्या जांच करती है और किस तरह मामले की तह तक जा पाती है।

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