Domain Registration ID: DD9A736AA76EB45DBBFAF21E3264CDF2D-IN {Editor - Ashish Kumar Jain 9425081918}

गलत कार्य को प्रोत्साहित करना देश का बंटाधार करना है – जैन संत पर्वसागर

पुष्पगिरी : पिछले दिनों मीडिया और सोशल मीडिया पर प्रसिद्धि पाने बाले एक बच्चे को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री द्वारा सम्मान किए जाने बाले कदम को देश व संस्कृति के हित मे ना बताते हुए गणाचार्य श्री पुष्पदंत सागरजी के सबसे छोटे शिष्य एवं कड़वे प्रवचन फेम रहे समाधिस्थ आचार्य जैन संत श्री तरुण सागर जी महाराज के एकमात्र शिष्य श्री पर्वसागरजी महाराज ने कहा कि आज दुनिया मे सिखाने का नहीं, दिखाने का अनुकरण हो रहा है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान मे जिसे आप बढ़ाबा आगे चलकर वही तुम्हारे सर चढ़कर बोलेगा। चाहे संस्कार हो या फिर सामाजिक फुहड़ता। पर्वसागरजी ने कहा कि जिस प्रदेश, देश मे जो प्रसिद्ध करोगे वह देश, समाज बैसा ही हो जायगा। मुख्यमंत्री जी प्रदेश व देश के प्रति आपके कर्तव्य क्या है? आपको माला पहनानी ही है तो पहनाइये। मगर बचपन के प्यार के प्रोत्साहन मे नहीं बल्कि बचपन से माँ बाप का सम्मान कर युवाओं को। शिक्षा देने वाले व देश भक्ति जिसकी रग रग मे भरी हो ऐसे बच्चे के गले मे पहनाईय। अगर आज आपने यह गलती की तो आप देश मे ना आतंकबादी का सफाया करने बाले, ना ऑलम्पिक मे पदक जीतने बाले, ना नोबल प्राइज जीतने बाले और इससे अहम ना बड़ों माँ बाप का सम्मान करने बाले युवा पाएंगे।आपके इसलिए कदम पर सिर्फ और सिर्फ आप देश मे बलात्कारी, गुंडे, मवाली लोगों का देश देख पाएंगे। समय के रहते अपने कदम को नेक कार्य, उचित सम्मान मे उठाइये गलत कार्य को प्रोत्साहित कर देश व संस्कृति का बंटाधार मत कीजिए।

वह बच्चा गलत नहीं है, उसकी कार्य के प्रति निडरता तारीफे काविल है। यह कला सिर्फ मनोरंजन का साधन है, ना की देश व संस्कृति के उत्थान में सहभागी है। हालत ऐसे हो गए है कि आज वचपन के प्यार से ज्यादा जरूरी वचपन में संस्कार की।

Our Visitor

9 6 5 9 9 7
Users Today : 7
Total Users : 965997
Who's Online : 0

Leave a Reply

Your email address will not be published.

%d bloggers like this: