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स्व-सहायता समूह खाद्य प्रसंस्करण योजनाओं का लाभ लेकर उन्नति के पथ पर अग्रसर हो – मंत्री प्रहलाद पटैल

राज्यमंत्री श्री पटैल ने स्व-सहायता समूहों के स्टॉल का किया अवलोकन, चर्चा कर बढ़ाया हौसला, जबेरा में 26 स्व-सहायता समूह की महिलाओं को 52 लाख 29 हजार रूपये की राशि वितरित


दमोह : देश की आजादी का अमृत महोत्सव शुरू हो गया है। यह कार्यक्रम अमृत महोत्सव को समर्पित है। स्व-सहायता समूह खाद्य प्रसंस्करण योजनाओं का लाभ लेकर उन्नति के पथ पर अग्रसर हो। यह बात केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण व उद्योग एवं जलशक्ति राज्यमंत्री श्री प्रहलाद पटैल ने जबेरा में स्व-सहायता समूहों से संवाद एवं राशि वितरण कार्यक्रम के अवसर पर आयोजित गरिमामय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं सशक्त होगी। श्री पटैल ने कहा महिला सशक्त होती हैं, तो पूरा परिवार सशक्त होता है। परिवार-समाज सशक्त होने से क्षेत्र-प्रदेश और देश सशक्त होगा। इस अवसर पर 26 स्व-सहायता समूह की महिलाओं को 52 लाख 29 हजार रूपये की राशि वितरित की गई।

केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण व उद्योग एवं जलशक्ति राज्यमंत्री श्री प्रहलाद पटैल ने कहा भारत सरकार द्वारा खाद्य प्रसंस्करण में काम कर रहे स्व-सहायता समूह या व्यक्तिगत रूप से कार्य कर रहे लोगों को 35 प्रतिशत सब्सिडी या अधिकतम दस लाख रुपए की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। अभी 577 समूह है, जिनको भारत सरकार द्वारा 18 करोड़ की राशि प्रदान की गई है। भारत सरकार का लक्ष्य है। जिले में 65 करोड़ रुपये बाटने का जिसमे 4995 समूह बनाने है। राज्यमंत्री श्री पटैल ने कहा आप लोगो को चलनें के लिए खुला आसमान है। ऐसे ही नल जल में पर्याप्त राशि भारत सरकार द्वारा दी जा रही है। प्रदेश सरकार घर घर जल पहुंचाने के लिए राशि खर्च कर सकती हैं। राशि खर्च होने पर दोबारा राशि भारत सरकार जिले को देगी।


केन्द्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग एवं जल शक्ति राज्यमंत्री श्री प्रहलाद पटैल ने जबेरा में आयोजित स्व-सहायता समूह कार्यक्रम में कहा कोल्ड स्टोरेज में तीन ही चीज थी इनमें टमाटर, प्याज, आलू थे लेकिन उसको टॉप स्टोरेज बोलते थे, लेकिन अब 22 चीजें अलग-अगल सूची में जोड़ दी गई, यह चीजें हम सब लोगों को जानकारी में होनी चाहिए, कोई नैपकिन बना रहा होगा, कोई बाकी चीजें कर रहा होगा, लेकिन क्या हम दूसरे क्षेत्र में भी प्रवेश कर सकते हैं, उसके लिए समय लगेगा,अपना रास्ता तय करना होगा।


केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री पटैल ने कहा माताए-बहनें समूह चलाती हैं, यदि उनका समूह 02 लाख का कारोबार करता हैं, 10 साल बाद 02 करोड़ का कोरोबार करेगा, जब लक्ष्य तय करोगे तब सोच पाएंगे, यह आप तय कर सकते हैं सरकार केवल मददगार बन सकती हैं, आप यहां तक पहुँचे हैं, बच्चे पढ़ेगें, तकनीक आयेगी, आप तररकी करेंगे। उन्होंने कहा चीजें बढ़ेगी जिसका सदुपयोग करने का मौका आपको मिलेगा। उन्होंने कहा एससी एसटी को 50 या अधिक अनुदान भी हो सकता है, समूह में एससी और एसटी के लोग ज्यादा है, अगर समूह उसी बात से चिंन्हित है तो उसकी सब्सिडी बढ़ जाएगी। सब्जियों को किसान पैदा करता है, व्यापारी आता है, खरीद कर ले जाता है, यदि समूह चाहे तो उसको खुद उस पर काम कर सकता हैं, बाद में उसको ट्रांस्पोर्ट किया जा सकता हैं।
उन्होंने कहा क्षमता को बढ़ाने के लिए सबसे बेहतर तरीका है कुछ पूंजी आपकी हो गई, कुछ सरकार देती है, कुछ आप बैंक से लोन लेंगे, कुछ सब्सिडी हैं, इस सब्सिडी का लाभ आपको लेने की जरूरत हैं। श्री पटैल ने कहा 35 प्रतिशत की सब्सिडी है वह फूड प्रोसेसिंग के हिस्से मे हैं, लेकिन यही काम समूह करता है, तो सब्सिडी 35 से 50 प्रतिशत मिलती है, साथ ही कोल्ड चैन का काम बड़ा होता हैं यदि उसे समूह करते हैं तो उसमें 70 प्रतिशत की सब्सिडी मिल सकती हैं।


केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री पटैल ने कहा 2 महीने पहले स्वीकृति मिली है, राज्य को पैसा दिया था, आप इस बात की तैयारी करिए, गाइडलाइंस बन रही है। समूह को खुली छूट है, समूह अगर इस क्षेत्र में काम करेगा हर संभव की मदद दी जाए। उन्होंने आग्रह करते हुये कहा समूह में रहकर कार्य करें, आपको अपने आधार पर कामकाज की सैली में परिवर्तन लाना चाहिए।


उन्होंने कहा विभाग को सरकारी संस्था को पैसा नहीं देना है, व्यक्तिगत लोगों को पैसा देना है, अगर वह चाहते हैं कि उनको लोन भी मिले तो इसमें सब्सिडी का प्रावधान भी भारत सरकार के इस मंत्रालय में है। केन्द्रीय राज्यमंत्री ने कहा अब समूह बन गए, इनमें कोई उपार्जन का काम कर रहा है, कोई गौशाला चला रहा है, कोई सिलाई-कढ़ाई का काम कर रहा है, लेकिन तीन ऐसे लोग हैं जो फूड प्रोसेसिंग से जुड़े हुए काम कर रहे हैं। फूड प्रोसेसिंग का काम है, अनाज से बनी चीजें, फल और फल से बनी हुई चीजें, जो चीजें आपके पास उपलब्ध है, उस पर काम करें। खाद्य प्रसंस्करण के सबंधित समूह काम कर रहे हैं, उसमें सबसे अच्छी स्थिति बनवार की हैं। उन्होंने कहा ब्रांड आजिविका मिशन का हैं जिसका विज्ञापन का पैसा भारत सरकार देने के लिए तैयार हैं, इसका प्रचार करने की अवश्यकता हैं।


विधायक धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा जबेरा विकासखंड में पहले कृषि एवं पशुपालन का कार्य ज्यादातर होता था, लेकिन अब ऐसा नही है क्योंकि अब आजीविका मिशन से समूह गठित कर अब महिलाएं ख़ुद आत्म निर्भर बन रही है तथा आय मूलक काम कर रही हैं । उन्होंने कहा अगरबत्ती ,सेनेटरी पैड ,पापड़ ,चप्पल निर्माण ,बॉस बर्तन ,डेरी ,अन्य गतिविधियां कर रही हैं। इसी अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष शिवचरण पटेल व भाजपा जिला अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने अपने उद्बोधन में समूहों द्वारा किए जा रहे आजीविका गतिविधियो की प्रशंसा की गई। श्री पटैल और श्री लोधी ने भाजपा सरकार को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए समूह महिलाओं को आत्म निर्भर बनाने में कार्य कर रही है।


केंद्रीय राज्य मंत्री प्रहलाद पटेल द्वारा 26 स्व-सहायता समूहों को 52 रूपये लाख रुपए का बैक ऋण वितरण किया गया एवं प्रधानमंत्री फार्मलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग इंटरप्राइजेज योजना अंतर्गत खाद्य प्रसंस्करण राशि 33 स्व सहायता समूह को 3 लाख 4 हजार वितरण किया गया। चक्रीय राशि 27 समूहों को 2 लाख 80 हजार तथा सामुदायिक निवेश निधि 14 समूहों को 10 लाख 50 हजार रुपये का ऋण वितरण किया गया। इस मौके पर केंद्रीय राज्यमंत्री श्री पटेल द्वारा स्व सहायता समूहों के द्वारा आजीविका गतिविधियों के स्टाल का अवलोकन किया गया तथा आजीविका उत्पादो को देखा तथा समूहों के सदस्यों से जानकारी ली गई।

इस अवसर पर कार्यक्रम में सांसद प्रतिनिधि रुपेश सेन, नर्मदा राय, कमल सिंघई, राजेश सिंघई, मंदीप यादव, मयंक जैन, आजीविका मिशन ब्लॉक प्रबंधक आशुतोष तिवारी, सतेंद्र सिंह, बीएसी विनोद बाजपेयी, एसडीएम अंजली द्विवेदी, तहसीलदार अरविंद यादव, जनपद सीईओ अवधेश सिंह, थाना प्रभारी इंद्रा सिंह की उपस्थिति रही।

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