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आचार्य श्री का हिंदी, कुंडलपुर कमेटी का अंग्रेजी प्रेम!

दमोह : श्री दिगंबर जैन परंपरा के महान संत आचार्य विद्यासागर जी महाराज जहां हिंदी को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। भारत देश को इंडिया नहीं भारत बोलो का संदेश दे रहे हैं। वही हिंदी का ज्यादा से ज्यादा प्रयोग करने की बात अपने प्रवचनों के माध्यम से कह रहे हैं। तो वहीं परम पूज्य आचार्य गुरुदेव की कृपा प्राप्त श्री दिगंबर जैन कुंडलपुर क्षेत्र कमेटी का अंग्रेजी प्रेम सामने आया है। श्री दिगंबर जैन कुंडलपुर क्षेत्र कमेटी के द्वारा जारी किए गए कुंडलपुर महा महोत्सव के प्रमाण पत्रों में यह अंग्रेजी प्रेम साफ झलकता हुआ दिखाई दे रहा है। यह बात हम नहीं कह रहे, बल्कि कुंडलपुर क्षेत्र कमेटी के द्वारा जारी किए गए प्रमाण पत्र चीख चीख कर यह कह रहे हैं, और यह साबित भी कर रहे हैं कि कुंडलपुर कमेटी अंग्रेजी से प्रेम करती है, हिंदी से नहीं। जबकि परम पूज्य गुरुदेव आचार्य विद्यासागर जी महाराज हिंदी को बढ़ावा देने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़े हुए है।

जारी प्रमाण पत्र अंग्रेजी में क्यों ~

श्री दिगंबर जैन कुंडलपुर क्षेत्र कमेटी द्वारा कुंडलपुर महोत्सव के दौरान अपनी सेवाएं देकर काम करने वाले पदाधिकारियों को सर्टिफिकेट जारी किए गए हैं। जिसमें सर्टिफिकेट ऑफ …… लिखा हुआ है। वही पूरा मैटर भी अंग्रेजी भाषा में लिखा हुआ है। इसके साथ ही कार्यक्रम के समन्वयक के हस्ताक्षर के अलावा इस कमेटी के पदाधिकारियों के नाम और हस्ताक्षर भी अंकित है। लेकिन यह सब कुछ अंग्रेजी भाषा में लिखा हुआ है। जबकि कुंडलपुर को वैश्विक पहचान दिलाने वाले, कुंडलपुर में दुनिया का सबसे बड़ा भव्य जैन मंदिर बनवाने की प्रेरणा देने वाले परम पूज्य आचार्य गुरुदेव विद्यासागर जी महाराज हिंदी में ही सभी कार्य करने की सीख देते हैं। ऐसे में क्यों ? किस हठधर्मिता के चलते श्री दिगंबर जैन कुंडलपुर क्षेत्र कमेटी द्वारा यह प्रमाण पत्र अंग्रेजी भाषा में ना केवल प्रकाशित कराए गए, बल्कि इन्हें वितरण करने के लिए भेजे गए। ऐसे में परम पूज्य गुरुदेव की मंशा पर कुंडलपुर क्षेत्र कमेटी ही सवाल खड़े कर रही है।

आचार्य श्री ने हर एक संस्था का नाम हिंदी में लिखने की कही बात ~

एक प्रतिष्ठित समाचार पत्र के मुताबिक परम पूज्य गुरुदेव ने प्रवचनों के माध्यम से कुछ ही दिन पहले हर एक संस्था का नाम हिंदी के बड़े और स्पष्ट अक्षरों में लिखने की बात प्रवचनों के माध्यम से कही है। जब आचार्य गुरुदेव अपने प्रवचनों में भारतवर्ष नाम को बढ़ावा देते हैं। हिंदी को बढ़ावा देते हैं। तो परम पूज्य गुरुदेव की सबसे ज्यादा कृपा पात्र कमेटी एवं सबसे प्रिय तीर्थ क्षेत्र कुंडलपुर की क्षेत्र कमेटी के द्वारा आयोजित और परम पूज्य गुरुदेव के आशीर्वाद से जैन महाकुंभ के इस आयोजन के प्रमाण पत्रों को अंग्रेजी भाषा में किसके कहने पर लिखा गया और इसके द्वारा आचार्य श्री की आज्ञा की अवहेलना की गई। यह न केवल जांच का विषय है, बल्कि गुरुदेव के सपनों के विपरीत कार्य करने का दोषी कौन है। इसका खुलासा भी होना आवश्यक है, और उसे बेनकाब किया जाना भी जरूरी हैं।

अभी केवल हमें केवल इतनी ही मिले प्रमाण पत्र

तूफान टीवी.इन की समाचार टीम को अभी केवल इतने ही प्रमाण पत्र देखने को मिले हैं। अन्य समितियों के प्रमाण पत्र देखे जाना बाकी है। जिसके लिए हमारी टीम लगातार प्रयास कर रही है। आगामी दिनों में अन्य समितियों के प्रमाण पत्र किस भाषा में लिखे गए हैं। इसका खुलासा हम करेंगे। तो इंतजार कीजिए अगली खबर का।

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