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लो आ गया नगरपालिका चुनाव, कौन किस पर खेल रहा चुनाव के दाव!

दमोह : पूरे प्रदेश के साथ दमोह में भी नगर पालिका चुनाव का खुमार अब लोगों के सर चढ़कर बोलने लगा है। ऐसे हालात में 1 दिन बाद ही पार्षद पद प्रत्याशी के लिए फार्म भरने का दौर शुरू जाएगा। यह दौर तो शुरू होगा लेकिन सबसे ज्यादा यह देखने वाली बात होगी कि कौन सा प्रत्याशी किस दल से चुनावी मैदान में होगा। क्योंकि इस बार दमोह नगर पालिका के साथ दमोह जिले के चुनाव में 2 या 3 नहीं 5 कोणीय मुकाबला होने के आसार नजर आ रहे हैं। इस चुनाव में यह भी दिलचस्प होगा कि कौन किस पार्टी से टिकट ले रहा है और जनता पार्टी को देखकर वोट देती है या व्यक्ति को देखकर। क्योंकि बीते विधानसभा उपचुनाव में दमोह की जनता ने जो आईना दिखाया है, वह राजनीतिक दलों के लिए एक सबक ही है और चेतावनी भी।

कांग्रेस में क्या हो रही है हलचल

दमोह जिले की कांग्रेस में पूर्व से लेकर अब तक भी अनिश्चितता का दोर बरकरार है। जहां कांग्रेस संगठन से नाराज होकर कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष और पार्षद खुलकर सामने आ चुके हैं। तो वही जिला अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष ने भी चंद दिन पहले अपने पद से केवल इस बात को लेकर इस्तीफा दिया हैं कि उन्हें चुनाव में पार्षद का टिकट नहीं मिला। वही अन्य लोग भी कांग्रेस से पार्टी के टिकिट पाने के लिए दिन रात एक कर रहे हैं। ऐसे में जब भाजपा में सब कुछ ठीक नहीं है। उसका लाभ उठाने के लिए कांग्रेस का प्रत्याशी पुरजोर कोशिश में लगा हुआ है। लेकिन सबसे पहले उसे टिकट की जरुरत है और ऐसे में विधायक से लेकर संगठन तक वह जोर लगा रहा है। वही प्रभारी के माध्यम से कांग्रेस द्वारा सर्वे कराकर रायशुमारी करके नाम घोषित करने के लिए लिस्ट तैयार हो रही है। ऐसे में कांग्रेस के कुछ कद्दावर पार्षदों के अलावा अन्य लोगों के लिए कांग्रेस के टिकट पाना जद्दोजहद वाला साबित हो रहा है। ऐसे में कांग्रेस अच्छे चेहरों को मैदान में उतारना चाह रही है। जिससे वे ज्यादा से ज्यादा पार्षद वार्ड से जीता कर ला सके और अपना नगर पालिका अध्यक्ष बना सकें।

भाजपा में टिकट के लिए क्या चल रहा है

नगर पालिका की टिकट के लिए भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय में सबसे ज्यादा गहमागहमी देखी जा रही है। लेकिन आंतरिक सूत्रों की बात करें तो भारतीय जनता पार्टी पार्षद के प्रत्याशियों को लेकर मंथन के दौर से गुजर रही है, क्योंकि भारतीय जनता पार्टी के अनेक पूर्व पार्षद जो अपने अपने इलाके के मंझे हुए खिलाड़ी माने जाते हैं। वह पार्टी की टिकट पाने के लिए अभी तक सामने नहीं आए हैं। जबकि उनके ही वार्ड से अन्य लोग बड़ी तादाद में भाजपा की टिकट पाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं। लेकिन भाजपा संगठन पूर्व पार्षदों के टिकट नहीं मांगने को लेकर चिंतन में है और उन पार्षदों के भाजपा से टिकट नहीं मांगे जाने के चलते जिताऊ प्रत्याशियों की खोज में जुटी हुई है। ऐसे हालात में भाजपा के सामने जिताऊ प्रत्याशियों की खोज और उन्हें टिकट देकर चुनाव जिताने की चिंता सता रही है क्योंकि जिस पार्टी से जितने अधिक पार्षद जीतकर आएंगे, वही पार्टी नगर पालिका अध्यक्ष पद पर काबिज होगी।

सिद्धार्थ मलैया टीम से लड़ेंगे कई पूर्व पार्षद

एक ओर जहां भारतीय जनता पार्टी अपनी पार्टी के पूर्व पार्षद द्वारा टिकट नहीं मांगे जाने को लेकर चिंतन में है। तो वही अनेक पूर्व पार्षद जो भारतीय जनता पार्टी की टिकट पर बीते नगर पालिका चुनाव में जीत कर आए थे। वह अब सिद्धार्थ मलैया की टीम बनकर चुनावी मैदान में होंगे। अब जबकि सिद्धार्थ मलैया भारतीय जनता पार्टी से निलंबित है। ऐसे में अनेक पार्षद प्रत्याशी जो इस टीम से चुनाव लड़ेंगे। वह भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा दे सकते हैं। ऐसे में दमोह नगर पालिका चुनाव में कांग्रेस भाजपा के साथ ही सिद्धार्थ मलैया की टीम चुनावी मैदान में होगी। यह टीम अनेक वार्डो के चुनाव को प्रभावित करेगी। तो वही समीकरण बदलने का काम भी करेगी। तो कई वार्डों में इस टीम के प्रत्याशी जीतने की संभावनाएं भी जताई जा रही हैं। क्योंकि जो पूर्व पार्षद है भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं। वह निश्चित ही भाजपा के लिए परेशानी खड़ी करके जीतने की कगार पर होंगे। ऐसे में सिद्धार्थ मलैया की टीम का चुनावी मैदान में होना भाजपा के लिए बड़ी चुनौती साबित होगा। यदि भाजपा उन वार्डो में जहां उनके प्रत्याशी जीतते आए हैं, मैनेजमेंट नहीं कर पाती, तो निश्चित ही भाजपा के हाथ से उन वार्डो की कमान बाहर निकल सकती है।

आम आदमी और बसपा भी होगी मैदान में

दिल्ली के बाद पंजाब में सरकार बनने के बाद आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता उत्साह में है और वे अब मध्य प्रदेश के नगरीय निकाय चुनाव में भाग्य आजमाने की घोषणा भी कर चुके हैं। जहां पूर्व में आम आदमी पार्टी के द्वारा नगर पालिका प्रत्याशी की घोषणा की गई थी, तो वहीं अब पार्षदों से नगर पालिका अध्यक्ष चुने जाने की बात सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी नगर पालिका के हर एक वार्ड से अपना प्रत्याशी उतारेगी। ऐसे में आम आदमी पार्टी भी प्रमुख पार्टियों के लिए चुनौती पैदा कर सकती है।

इसके साथ ही बहुजन समाज पार्टी की नेता पथरिया की विधायक द्वारा भी बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी पूरे जिले की नगर पालिका के वार्डों में उतारने की घोषणा की गई है। ऐसे में बहुजन समाज पार्टी का प्रत्याशी भी अनेक वार्डो में अपनी उपस्थिति के चलते राजनीतिक समीकरण बिगाड़ने का काम करेगी तथा कई वार्डों में जीत का परचम लहराने के लिए कोशिश करेगी। ऐसे में प्रमुख राजनीतिक दलों के सामने यह पार्टियां भी चुनौती बनकर सामने खड़ी है।

जयंत मलैया और प्रहलाद सिंह पटेल बने संभागी चयन समिति के सदस्य

भारतीय जनता पार्टी के द्वारा नगरीय निकाय चुनाव के लिए संभागीय चयन समिति सदस्य के रूप में दमोह के सांसद केंद्रीय मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल एवं मध्य प्रदेश की सरकार के पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया को सदस्य बनाया गया है। ऐसे में यह सदस्य भाजपा के प्रत्याशियों का चयन करेंगे। सूत्रों के मुताबिक इस चयन समिति के संयोजक वर्तमान अध्यक्ष मंत्री भूपेंद्र सिंह के द्वारा पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया से बात कर सिद्धार्थ मलैया की टीम द्वारा नगर पालिका चुनाव के मैदान में उतरने की बात पर चर्चा की गई है। जिस पर जयंत मलैया ने सिद्धार्थ मलैया के पार्टी से निलंबित होने की बात कहकर इस सवाल का जवाब दिया है। यह सूत्रों से मिली जानकारी है। लेकिन यह सवाल भारतीय जनता पार्टी की चिंता को जाहिर करता है। हालांकि जयंत मलैया चयन समिति के सदस्य हैं और उनके सदस्य होने पर आगामी दिनों में किन लोगों को चुनाव लड़ने के लिए वे चयनित करते हैं यह देखने लायक होगा।

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