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अपनी-अपनी बेटियों को पढ़ने का अवसर प्रदान करें – पूर्व वित्त मंत्री श्री मलैया

वीरांगना झलकारी बाई की 190 बी जयंती आज सादगी पूर्ण रूप से मनाई गई, पूर्व वित्तमंत्री जयंत मलैया, पूर्व विधायक लखन पटैल ने पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि

दमोह : स्वतंत्रता संग्राम की नायिका, कोरी समाज की गौरव बीरांगना झलकारी की 190 वीं जयंती सादगी पूर्ण रूप से मनाई गई. रानीपुरा के सामुदायिक भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश के पूर्व वित्तमंत्री जयंत मलैया, पूर्व विधायक पथरिया लखन पटैल ने बीरांगना झलकारी बाई के चित्र समक्ष श्रृद्धासुमन अर्पित किये. यह कार्यक्रम कोविड-19 के संक्रमण को ध्यान में रखते हुये कार्यक्रम आयोजित किया गया.

बेटियों को बनाए आत्मनिर्भर – मलैया

इस अवसर पर श्री मलैया ने बीरांगना झलकारी बाई के जीवन पर प्रकाश डाला. साथ ही समाज के लोगों से अपील की कि समाज के लोग अपनी-अपनी बेटियों को पढ़ने का अवसर प्रदान करें, जिससे वे आत्म निर्भर बन सकें और बीरांगना झलकारी बाई जैसा नाम रोशन कर सकें. इस मौके पर वाय के कोरी, लखन तंतुवाय ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया. कार्यक्रम का संचालन सुरेन्द्र कठहरे ने किया.

आयोजन में कम लोग रहे मौजूद

इस अवसर पर संतोष रोहित, नीलेश सिंघई, दिनेश राठौर, पंकज सेन, बीडी बावरा, खरगराम चक्रवर्ती, डीपी कठल, महेश कठहरे, वाय के कोरी, लखन तंतुवाय, इन्द्र कुमार कोरी, प्रेम मिस्त्री, मन्नूलाल जी बहुतिया, पूरन लाल बाबू, प्रकाश कोरी, निर्भर तंतुवाय, प्रेमलाल जी चूड़ी बाले, डॉ नरेन्द्र कोरी, मुकेश कोरी खजरी, विनोद कटारया, अरूण कोरी, राजेश कठहरे, रमेश कोरी, नंदू कोरी, आशीष, नवीन कोरी, दीपक कोरी समाज की मातृशक्तियां सहित समाज के नागरिकगण मौजूद थे.

हटा में भी मनाई गई जयंती


हटा तंतुवाय समाज द्वारा वीरांगना झलकारी बाई की जयंती सादे समारोह के रूप में मनाई गई. जानकारी के अनुशार शंकर जी का चबूतरा, राधा रमन सरकार की उपस्थिति मे मुख्य अतिथि गोपी प्रशाद तंतुवाय एवं समाज के व्यक्तियों द्वारा, झलकारी बाई के चित्र पर माल्यापर्ण कर पुजन अर्चना की गई. इस दौरान बुध्दन तंतुवाय द्वारा झलकारी बाई के जीवन इतिहास पर चर्चा करते हुऐ उनके बलिदान के बारे में बताया.
वही कार्यक्रम के अध्य्क्ष गोपी तंतुवाय ने सम्बोदन मे बताया झलकारी बाई झांसी की रानी लक्ष्मी बाई के साथ अंग्रेज़ो का सामना करने में बराबरी के साथ हमेशा एक अंग रक्षक के रूप में रहती थी. जो अंत समय मे रानी के रूप में ही लड़ाई करते हुए वीरगति को प्राप्त हुई.

यहां यह रहे मौजूद

कार्यक्रम में गनेश प्रशाद, मयंक आदि के द्वारा अपने विचार व्यक्त किये. कार्यक्रम में अमित, गगन, राघवेंद्र, विप्पन, रामकली, परमलाल के अलाबा समाज के वरिष्ठ एबं युवाओ की उपस्तिथि रही. कार्यक्रम का सफल संचालन हेमंत तंतुवाय कवीर ने किया.

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