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हटा विधायक ने रिश्तेदारों में ही कर दिया राशि का बंदरबांट, जरूरतमंद अभी भी है मदद की आस!

  1. कार से चलने वाले लखपति भाजपा मंडल अध्यक्ष को इलाज के लिए विधायक निधि से राशि बांट रहे विधायक

2. पूर्व नगर मंडल अध्यक्ष को शिक्षा के नाम पर और उनके सेल्समैन बेटे को इलाज के नाम पर दी गई राशि…

3. सरकारी राशि का हो रहा खुलकर दुरुपयोग…..

4. हटा विधायक की निधि अपने परिवार, पीए, रिश्तेदारो व भाजपा पदाधिकारियों तक सीमित…..

5. अमीरों को इलाज व शिक्षा के नाम पर रेवड़ी की तरह बाटी विधायक निधि….

6 जबकि हटा में पैसे के आभाव में इलाज के लिए तरस रहे गरीब परिवार…..

आकिब खान / हटा : विधानसभा क्षेत्र के जरुरतमंद गरीबों और असहाय लोगों के इलाज और शिक्षा के लिए मिलने बाली विधायक निधि को भाजपा विधायक ने गरीबो को आर्थिक सहयोग देने की बजाए अपने करीबियों और भाजपा के पदाधिकारियों को विधायक निधि का लाभ दे दिया है. इतना ही नहीं 75 साल के वृद्ध को शिक्षा के नाम पर भी राशि निकालकर बांट दी गई. सुरक्षित सीट हटा विधायक पीएल तंतवाय ने विधायक निधि से स्थानीय गरीब परिवारों की मदद करने के बजाय अपने चचरे भाई, भतीजे, भांजे व रिश्तेदारों को इलाज और शिक्षा के नाम पर हजारों रुपए के चेक बांट दिए है. यह सिलसिला यही नही थमा, हद तो तब हो गई जब भाजपा के हटा नगर मंडल अध्यक्ष  मनीष पलया और उनके भाई रजनीश पलया और स्वयं विधायक के पीए सुरेश पटेल के रिश्तेदारों को भी विधायक निधि से हजारों रुपए के चेक काट दिए.

सूचना के अधिकार से हुआ खुलासा

दरअसल सूचना के अधिकार के तहत जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय से विधायक निधि की मिली सूची में हैरान कर देने वाला खुलासा हुआ है. यह वो सूची थी जिसमे विधानसभा क्षेत्र के जरुरतमंद गरीबों और असहाय लोगों के इलाज और शिक्षा के लिए विधायक से आर्थिक लाभ लेने वालों के नाम की जगह सूची में ऐसे नाम बड़ी संख्या में हैं जो धनाढय वर्ग से हैं और उन्हें आर्थिक सहायता की जरूरत ही नहीं है. इस सूची में नगर के उन अमीरो के नाम दर्ज हैं जो पहले से ही करोड़पति हैं. सूची ने भाजपा विधायक और क्षेत्र के जाने माने अमीरो के चेहरों से नकाब हटा दिया है. जो गरीब बनकर शिक्षा और इलाज के नाम पर विधायक से खेरात पा रहे हैं. इस लिस्ट मे विधायक का ड्राइवर, परिवार के लोग, रिश्तेदार करीबी, नगर मंडल अध्यक्ष, के अलावा के विधायक के पीए सुरेश पटेल के रिश्तेदार और करीबी दर्ज है.

अपने परिवार और रिश्तेदारों को दी राशि

1/- ममता कोरी/मनोज कोरी विधायक के चचरे भाई को इलाज के नाम पर 3 हजार रुपए

2/- हरिराम/रामचरण कोरी विधायक के चचरे भाई इन्हें इलाज के नाम पर 3 हजार रुपए

3/- नरेंद्र कोरी/नर्मदा कोरी विधायक के चचरे भाई को शिक्षा के नाम पर 3 हजार रुपए

4/- वही विधायक के ड्राइवर को भी इलाज के नाम पर 5 हजार रुपए

5/- जितेंद्र कोरी/परसराम कोरी विधायक के भांजे को शिक्षा के नाम पर 4 हजार रुपए

6/- शंकरलाल कोरी विधायक के रिश्तेदार शिक्षा के नाम पर 3 हजार रुपए

7/-रोशनी कोरी/काशीराम चचेरा भाई इलाज के नाम पर 4 हजार रुपए

8/- कमलकिशोर/हीरालाल विधायक के रिश्तेदार को इलाज के नाम पर 4 हजार रुपए

9/- सुनीता/मुन्ना लाल विधायक के परिवार शिक्षा के नाम पर 3 हजार रुपए

10/- मनोज तंतवाय इलाज के नाम पर 2 हजार रुपए बाट दिए गए इसी तरह दो दर्जन से अधिक विधायक के परिवार के लोग सूची में शामिल हैं.

भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष व पूर्व नगर मंडल अध्यक्ष और उनके सेल्समैन बेटे को दी राशि

भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष मनीष पलया को 5 हजार रुपए उनके भाई रजनीश पलया को एक बार 3 हजार तो एक बार 5 हजार रुपए दिए, वही पूर्व नगर मंडल अध्यक्ष बलराम साहू को 4 हजार रुपए शिक्षा के नाम पर दिए वही उनके सेल्समैन बेटे धर्मेंद्र साहू को इलाज के नाम पर 4 हजार रुपए दिए हैं. इससे सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि भाजपा विधायक ने किस तरह राशि का दुरुपयोग किया है.

विधायक को नही सुनाई दी गरीब परिवारो की पीड़ा

गरीबी में जी रहे हटा नगर में परिवारो को बीमारी ने तंगहाली पर ला दिया है. कई लोग गंभीर बीमारी की चपेट में हैं. यह परिवार के मुखिया है. वह अपने बच्चों की परवरिश तो छोडि़ए इलाज के लिए पाई – पाई के लिए मोहताज हैं. यह परिवार गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करते हैं, लेकिन हटा विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक और सरकार की ओर से अभी तक कोई आर्थिक मदद भी नहीं मिली. जबकि प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर क्षेत्रीय विधायक तक कई बार गुहार लगा चुके हैं.

यह है पीड़ित जिन्हें नहीं मिला लाभ

भाजपा विधायक पीएल तंतवाय के घर के बाजू में रहने बाले कमलेश साहू उम्र  44 वर्ष को अस्थमा की बीमारी और खून की कमी है. करीब एक वर्ष से वह बीमार है. वही इसराइल खान पिता इस्माइल उम्र 35 वर्ष को मुह में कैंसर है, यह भी विधायक के घर के बाजू से रहते हैं. जब इनके स्वजनों ने अपनी पीड़ा बयां की तो स्वास्थ्य विभाग से लेकर सरकार में बैठे विधायक के बड़े – बड़े मंचों से होने वाले सरकारी दावों की पोल खुल गई. इसी तरह गंगाराम रजक उम्र 60 वर्ष निवासी नवोदय वार्ड को 4 सालों से लकवा लगा हुआ है और स्टोन की बीमारी भी है. पत्नी कुशम बाई ने बताया मेरे पति मुँह से बोल नही पाते हैं. मेरे दो बेटे हैं, जो बाहर मजदूरी करते हैं, मुश्किल से घर चलता है. वही इकरार खान उम्र 40 वर्ष निवासी नवोदय वार्ड की माँ साबरा बी ने अपनी पीड़ा बया करते हुए बताया कि मेरे बेटे का दो वर्ष पहले एक्सीडेंट हो गया था. जितना पैसा था सब इलाज में लगा दिया. पैसा खत्म हो गया तो अपने बेटे को अस्पताल से घर ले आये उसका पैर टूटा हुआ है. डॉक्टर ने ऑपरेशन का बताया है. लेकिन थोड़े बहुत भी अब पैसे नही है. विधायक से भी गुहार लगाई लेकिन कोई मदद नही मिली. इसी वार्ड में बब्बू रजक उम्र 65 वर्ष पत्नी बड़ी बहू, भगवान दास उम्र 63 वर्ष की पत्नी दुर्गा बाई ने बताया मेरे पति 5 वर्षो से बीमारी है. अस्थमा की बीमारी है. कई बार हटा अस्पताल मैंं इलाज करा चुके हैं. लेकिन कोई आराम नहीं मिला. पैसेे नहीं है इसलिए बाहर इलाज कराने नहीं ले जा रहे हैं.

कांग्रेस नेता ने बताया दुर्भाग्य जनक

कांग्रेस नेता दीपेश पटेरया ने कहा, विधायक को जनता ने जो जिम्मेदारी सौंपी है उसे इमानदारी से पूरा करना चाहिए. जनता के हर दुख सुख में विधायक को शामिल होंना चाहिए. क्षेत्र के विकास के लिए जरूरतमंदों को मदद करने की बजाए विधायक अपने रिश्तेदारों और पार्टी के पदाधिकारियों को हजारों रुपए के चेक बाटकर विधायक निधि का बंदरबांट कर रहे हैं. जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है. एक तरफ बीजेपी बहुजन हिताय बहुजन सुखाय की बात करती है वही दूसरी तरफ विधायक का दोहरा चरित्र सामने आने के बाद जनता अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रही है.

इस आधार पर दी जाती है विधायक निधि

गरीब या जरूरतमंदों को आकस्मिक आर्थिक मदद के लिए विधायकों को स्वेच्छानुदान निधि जारी करने का अधिकार दिया गया है. विधायक इसका इस्तेमाल जरूरतमंदों के लिए कर सकते हैं. विकास के नाम पर हर साल दे सकते हैं राशि वैसे तो विधायक अपनी क्षमता या पकड़ के आधार पर क्षेत्र में विकास कार्य कराते हैं. इसके लिए हर विधायक को विधायक निधि के रूप में एक करोड़ 85 लाख रुपए सालाना बजट दिया जाता हैं. 15 लाख रुपए स्वेच्छानुदान के मिलते हैं. इसे वे अपनी अनुशंसा से जनकार्य, विकास कार्य, खेल, शिक्षा इलाज आदि पर खर्च कर सकते हैं. इसके लिए प्रस्ताव विधायक की अनुशंसा पर ही मंजूर होते हैं और राशि भी इसी आधार पर दी जाती है.

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