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मां बेटे के प्रेम को नापने सारे पैमाने छोटे पड़ जाएंगे, जब आप यह कहानी सुनेंगे और सुनाएंगे!

70 वर्षीय बेटा 90 वर्षीय मां सेवा में समर्पित, बुजुर्ग मां बेटा का स्‍नेह, सबको दे रहा सबक, मां की खातिर पांच पत्‍नीयों को त्‍यागा

संजय जैन /हटा / दमोह : 14 फरवरी को युवा सिर्फ प्रेम दिवस के रूप में अपनी गर्ल्‍स व ब्‍याय फ्रेन्‍ड को विश करके प्रेम का इजहार करते है. लेकिन इस प्रेम पर कितना खरे उतरते है, वहां चंद दिनों में ही पता चल जाता है. इन सबसे उंचा प्रेम का साक्षात्‍कार नगर के गांधी वार्ड में देखने मिला जहां 70 वर्षीय कुंजी लाल अपनी 90 वर्षीय मां भुवानी बाई की सेवा में इस तरह समर्पित है कि उसने अपनी एक नहीं पांच पत्‍नी को त्‍याग दिया. मां बेटा के स्‍नेह की कहानी वार्ड के लोग जब सुनाते है तो उनकी भी आंखे नम हो जाती है.

मां बेटे की असीम प्यार की कहानी


बूढ़ी मां भुवानी बाई भी अपने बेटा को इस तरह लाड दुलार करती है जैसे वह अभी भी नादान हो. भुवानी बाई ने बताया कि उसका इकलौता बेटा है, मजदूरी करके उसका लालन पालन किया, छोटे से घर में जीवन गुजार रहे है, अब उम्र साथ नहीं दे रही है, भुवानी बाई ने बताया कि बेटा की शादी की पत्‍नी का बीमारी के कारण निधन हो गया, इसके बाद फिर से वंश बढाने व घर बसाने का प्रयास किया. लेकिन एक एक करके चार ओर बहू मेरे बेटा को अकेला छोडकर चली गई. वर्तमान में हम दोनों ही अकेले जीवन यापन कर रहे है. बेटा ही खाना पका देता है, सुबह जागने से लेकर सुलाने तक सारी जिम्‍मेदारी निभा रहा है, वही मेरी सेवा करता है. मां का कहना है कि मेरा वंश भले ही आगे न बढा हो लेकिन मुझे श्रवण कुमार जैसा पुत्र मिला है, जो केवल कहानियों में सुनते थे.

मां केे चरणों मैं मिलता है स्वर्ग

कुंजी लाल ने बताया हमारे पास भले ही रोटी कपडा मकान नहीं है. लेकिन मां के चरणों में, उनकी सेवा से ही हमें स्‍वर्ग की अनुभूति होती है. 15 वर्ष पूर्व मेरे पिता का स्‍वर्गवास हो गया था, मां अपने आप को अकेला व असहाय महसूस करने लगी थी. उन्‍हे यही चिन्‍ता थी कि मेरी देखभाल अब कौन करेगा, बुढापे की लाठी कौन बनेगा, उनकी अवस्‍था को देखते हुए मैने उनकी हर संभव सेवा की और कर रहा हूं. उन्‍हे कभी अकेला होने का दुख नहीं होने दिया, जब कभी मैं बीमार पड जाता हूं तो इस अवस्‍था में भी मेरी मां मेरी सेवा करने में पीछे नहीं हटती है.

वार्ड के लोग हैं गवाह

वार्ड के पार्षद पति सुम्‍मेर अहिरवार ने बताया कि इन मां बेटा का प्रेम स्‍नेह की कहानी पूरे वार्ड में सुनी जा सकता है. इन दोनों के प्रेम को नापने सारे पैमाने ओछे पड जायेगें. इन दोनों की आय का स्‍त्रोत मात्र सरकार के द्वारा मिलने वाली सामाजिक सुरक्षा पेंशन एवं राशन से मिलने वाला अनाज है, उसी से घर खर्च चलता है.

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